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आदमखोर नहीं फटक रहा है पिंजरे के आसपास

Updated @ 12:00 PM IST

अल्मोड़ा। लमगड़ा विकासखंड के उच्यूर पट्टी के हुंना, चिनौली, सिलखोड़ा तथा पलना गांव में तेंदुए के खौफ से ग्रामीण भयभीत हैं। सिलखोड़ा तथा पलना गांव में लगाए गए पिंजरों में आदमखोर कैद नहीं हो सका है। मंगलवार को सायं पांच बजे तेंदुआ पलना गांव के समीप दिखा। क्षेत्र में तैनात शूटर वन कर्मियों के साथ कांबिंग कर रहे हैं, परंतु अब तक आदमखोर को नहीं मार सके हैं। इन गांवों के अलावा आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांवों के ग्रामीण घरों से बाहर नहीं निकलने में डर रहे हैं। लोगों की दिनचर्या थम सी गई है।
मालूम हो कि तेंदुए ने हुंना गांव में 13 अक्तूबर को हीरा देवी, 15 अक्तूबर को चौनली गांव में पार्वती देवी तथा 22 अक्तूबर को सिलखोड़ा गांव की उप प्रधान शीला बिष्ट को शिकार बनाया था। जबकि मंगलवार को मल्ला पलना गांव में तेंदुए ने सात वर्षीय बच्ची काजल को घायल कर दिया था। वन विभाग ने सिलखोड़ा गांव में महिला को शिकार बनाने वाले तेंदुए को आदमखोर घोषित कर मारने के आदेश दिए हैं।
वन विभाग द्वारा सिलखोड़ा गांव में लगाए गए पिंजरे में आदमखोर कैद नहीं हो सका है। बुधवार को हुंना गांव में भी पिंजरा लगा दिया गया है। रेंजर बीबी उप्रेती, फारेस्टर मनोज सनवाल, एने के पांडे, मनोज लोहनी, राकेश जोेशी, नितिश तिवारी, मोहन राम आदि वन कर्मी क्षेत्र में कांबिंग कर रहे हैं। बुधवार को डीएफओ राहुल, एसडीओ एमके बहुखंडी भी क्षेत्र में पहुंचकर जानकारी ली।
एसडीओ श्री बहुखंडी ने बताया कि शिकारी लखपत सिंह तथा जॉय व्हिकल को क्षेत्र में तैनात कर दिया गया है। रेंजर बीबी उप्रेती ने बताया कि मंगलवार सायं पांच बजे पलना गांव केसमीप आदमखोर दिखाई देने की सूचना मिली। वन कर्मियों ने वहां कांबिंग की, परंतु उसका कोई पता नहीं चला।
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